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पेट की गैस से छुटकारा दिलाते हैं ये घरेलू उपाय:

आजकल आहार और जीवनशैली में सामंजस्य न होने के कारण पेट की गैस की समस्या होना आम बात हो गई है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार जितने भी उदर रोग हैं वे सभी हमारे शरीर के त्रिदोष के कारण होते हैं अत वात, पित्त, कफ इन तीनों दोषों को शांत करने वाले उपचार करने चाहिए।

गैस की बीमारी कोई स्वतंत्र रोग न होकर पाचनतंत्र की कमजोरी से उत्पन्न होने वाली एक लक्षण मात्र है किन्तु इसकी व्यापकता एवं तीव्रता ऐसी होती है कि यह किसी बीमारी से कम नहीं लगती।

1 गैस क्या है 

2 पेट में गैस बनने के लक्षण 

3 गैस बनने के कारण 

4 गैस बनने से रोकने के उपाय 


5 गैस दूर करने के आसान घरेलू उपाय 

5.1 काली मिर्च और सूखी अदरक गैस को दूर करने में करते हैं मदद 

5.2 अजवाइन गैस की समस्या से दिलाये राहत 

5.3 हरड़ से गैस की समस्या से मिले आराम 

5.4 काला नमक का सेवन गैस होने पर दिलाये राहत

5.5 अदरक के सेवन से गैस से मिले राहत 

5.6 टमाटर गैस में फायदेमंद 

5.7 गैस के समस्या में लाभकारी काली मिर्च डालकर बनी चाय 

5.8 गैस में फायदेमंद अदरक और नींबू 


6 पेट की गैस दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय 

6.1 नींबू की शिकंजी गैस दूर करने में करे लाभकारी 

6.2 लौंग का सेवन गैस में फायदेमंद 

6.3 सत्तू का सेवन गैस के प्रॉबल्म में लाभकारी 

गैस क्या है 

पेट से जुड़ी समस्याओं में पेट में वायु बनना या गैस बनना सबसे आम समस्या है, इसे पेट या आँतों की गैस और पेट फूलने के रूप में भी परिभाषित किया जाता है। जब खाना खाते हैं तब पाचनक्रिया के दौरान हाइड्रोजन, कार्बनडाइऑक्साइड और मिथेन गैस निकलता है जो गैस बनने या एसिडिटी होने का कारण होता है। वैसे तो आयुर्वेद के अनुसार पेट संबंधी सभी समस्याएं शरीर के त्रिदोष के कारण होते हैं अत: वात, पित्त, कफ इन तीनों क्रियाओं को शांत करने वाले उपचार करने चाहिए तथा इन रोगों में जौ, मूँग, दूध, आसव, मधु, इत्यादि का सेवन करना चाहिए। जठराग्नि की दुर्बलता से मल, वात आदि रोग हो जाते हैं तब इससे सारी व्याधिया उत्पन्न होती है मल की अधिकता के कारण जठराग्नि कमजोर होने लगती है। जब पाचन सही प्रकार से नहीं होता है तो उदर में बनने वाली अपान वायु तथा प्राण वायु बहार नहीं निकल पाती है।

पेट में गैस बनने के लक्षण 

आम तौर पर पेट में गैस बनने का मूल लक्षण पेट में दर्द होता है। लेकिन इसके अलावा भी और भी लक्षण है जो एसिडिटी होने पर नजर आते हैं-

सुबह जब मल का वेग आता है तो वो साफ नहीं होता है और पेट फूला हुआ प्रतीत होता है।

पेट में ऐंठन और हल्के-हल्के दर्द का आभास होना।

चुभन के साथ दर्द होना तथा कभी-कभी उल्टी होना।

सिर में दर्द रहना भी इसका एक मुख्य लक्षण हैं।

पूरे दिन आलस्य जैसा महसूस होता है।

गैस बनने के कारण 

आयुर्वेद में वात, पित्त एवं कफ इन तीन दोषों के असंतुलन से ही सारे रोग होते हैं तथा इनके सामान्य अवस्था में रहने से व्यक्ति रोगरहित रहता है। उदररोगों में उदरवायु सबसे आम समस्याओं में से एक देखी जाती है, यह वात के कारण होने वाला रोग है। अनुचित आहार-विहार के कारण वात प्रकुपित होकर अनेक रोगों को जन्म देता है तथा उदर में उदरवायु अथवा गैस की समस्या से व्यक्ति को जूझना पड़ता है। आयुर्वेद में वायु के पाँच प्रकार बताए गए हैं- प्राण, उदान, समान, व्यान एवं अपान वायु। उदर वायु समान एवं अपान वायु की विकृति से उत्पन्न होती है। लेकिन इसके पीछे बहुत सारे आम कारण होते हैं जिनके वजह से गैस होती है, चलिये इनके बारे में पता लगाते हैं।

अत्यधिक भोजन करना

बैक्टीरिया का पेट में ज्यादा उत्पादन होना

भोजन करते समय बातें करना और भोजन को ठीक तरह से चबाकर न खाना।

पेट में अम्ल का निर्माण होना।

किसी-किसी दूध के सेवन से भी गैस की समस्या हो सकती है।

अधिक शराब पीना

मानसिक चिंता या स्ट्रेस

एसिडिटी, बदहजमी, विषाक्त खाना खाने से, कब्ज और कुछ विशेष दवाओं के सेवन

मिठास और सॉरबिटोल युक्त पदार्थों के अधिक सेवन से गैस बनता है।

सुबह नाश्ता न करना या लम्बे समय तक खाली पेट रहना।

जंक फूड या तली-भुनी चीजें खाना।

बासी भोजन करना।

अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल न करना।

बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल का अधिक सेवन करना।

कुछ खाद्य पदार्थों से कुछ लोगों को गैस बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उससे कोई गैस नहीं बनता है जैसे; सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आडू, दूध और दूध उत्पादों से अधिकांश लोगों को गैस बनती है।

खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा होता है, के खाने से ज्यादा गैस बनती है।

भोजन में खाद्य समूह में कटौती की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि आप अपने आप को आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित भी नहीं रख सकते हैं, अक्सर, जैसे ही एक व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है और कुछ खाद्य पदार्थों से अधिक गैस भी बनने लगती है।

यहां तक कि स्तनपान करने वाले शिशुओं में उदरवायु यानि पेट में दर्द होने की समस्या अक्सर देखी जाती है। उचित प्रकार से स्तनपान न कराने या माता द्वारा वात बढ़ाने वाले आहार लेने से ऐसी समस्या हो जाती है। वहीं भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों में वातवर्धक आहार, फास्ट फूड, जंक फूड इन सब के सेवन से उदरवायु की समस्या देखी जाती है.

गैस बनने से रोकने के उपाय 

अगर खाना खाने के बाद एसिडिटी हो रहा है या हमेशा किसी न किसी कारण गैस का प्रॉबल्म हो रहा है तो इसको रोकने के लिए अपने आहार योजना और जीवन शैली में बदलाव लाना चाहिए।

सबसे पहले आहार योजना के बारे में जानते हैं-

क्योंकि उदरवायु वात दोष के कारण होने वाली समस्या है अत वातशामक आहार एवं उचित जीवनशैली के द्वारा गैस की समस्या से राहत मिलती है।

अपने आहार में बदलाव करें- सेम, गोभी, प्याज जैसे खाद्य पदार्थ की मात्रा का ध्यान रखें, हालांकि, इससे पहले कि आप इन चीजों को खाना छोड़ दे एक या दो सप्ताह इन्हें खाकर यह पता लगा लें कि आपकों किस चीज से नुकसान पहुँचता है, अपने आहार का टैक रखें।

मिठास या सॉरबिटोल युक्त उत्पादों से बचें, जो चीनी मुक्त मिठाई और कुछ दवाओं में प्रयोग किया जाता है।

चाय और रेड वाइन भी अधोवायु को रोकने में मदद करता है।

अब आता है जीवनशैली में किस तरह के बदलाव लाने से गैस से राहत मिल सकती है,जैसे-

सुबह उठकर प्राणायाम एवं योगासन करें।

भोजन को चबा-चबा कर खाएं, जल्दी-जल्दी भोजन न खाएं।

पवनमुक्तासन, वज्रासन तथा उष्ट्रासन करें।

वज्रासन, खाने के बाद करने से गैस होने से रोका जा सकता है। इसको करने के लिए घुटने मोड़कर बैठ जाएं। दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें। 5 से 15 मिनट तक करें। गैस पाचन शक्ति कमजोर होने से होती है। यदि पाचन शक्ति बढ़ा दें तो गैस नहीं बनेगी। योग की अग्निसार क्रिया से आंतों की ताकत बढ़कर पाचन सुधरेगा।

वज्रासन करने से पेट में गैस नहीं बनती। योग की अग्निसार क्रिया से आँतों की ताकत बढ़कर पाचन में सुधार होता है।

सोडा और प्रीजरवेटिव युक्त जूस न पिएं।

पानी अधिक पिएं।

जंक फूड, बासी भोजन तथा दूषित पानी से जितना हो सके बचें।

गैस दूर करने के आसान घरेलू उपाय 

आम तौर पर गैस बनने से जो पेट में दर्द होती है या जो आम लक्षण होते हैं उससे राहत पाने के लिए घरेलू नुस्ख़ों को ही अपनाया जाता है। इनमें वह चीजें होती हैं जो आसानी से घर में मिला जायें या उसको इस्तेमाल करने का तरीका आसान हो। चलिये इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

काली मिर्च और सूखी अदरक गैस को दूर करने में करते हैं मदद 

-भोजन के एक घण्टे बाद 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच सूखी अदरक और 1 चम्मच इलायची के दानों को 1/2 चम्मच पानी के साथ मिला कर पिएं।

-1/2 चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिला कर एक कफ गरम पानी में डाल कर पीएं। यह गैस की समस्या को खत्म करता है।

अजवाइन गैस की समस्या से दिलाये राहत 

पेट में या आंतों में ऐंठन होने पर एक छोटा चम्मच अजवाइन में थोड़ा नमक मिलाकर गर्म पानी में लेने पर लाभ मिलता है। बच्चों को अजवायन थोड़ी दें।

हरड़ से गैस की समस्या से मिले आराम 

वायु समस्या होने पर हरड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिक्स कर खाना चाहिए।

काला नमक का सेवन गैस होने पर दिलाये राहत 

अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में पीस लें। बड़ों के लिए 2 से 6 ग्राम, खाने के तुरन्त बाद पानी से लें। बच्चों के लिए मात्रा कम कर दें।

अदरक के सेवन से गैस से मिले राहत 

अदरक के छोटे टुकड़े कर उस पर नमक छिड़क कर दिन में कई बार उसका सेवन करें। गैस परेशानी से छुटकारा मिलेगा, शरीर हल्का होगा और भूख खुलकर लगेगी। यह गैस की परेशानी से छुटकारा पाने का उत्तम तरीका है।

टमाटर गैस में फायदेमंद 

भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाए तो लाभ अधिक मिलता है। लेकिन एक बाद का ध्यान रखे कि पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।

गैस के समस्या में लाभकारी काली मिर्च डालकर बनी चाय 

गैस के कारण सिर दर्द होने पर चाय में कालीमिर्च डालें। वही चाय पीने से लाभ मिलता है।

गैस में फायदेमंद अदरक और नींबू 

कुछ ताजा अदरक स्लाइस की हुई नींबू के रस में भिगों कर भोजन के बाद चूसने से राहत मिलेगी।

पेट की गैस दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय 

गैस के समस्या से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक इलाज भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि ये आसानी से घर में मिल जाता है और इसके साइड इफेक्ट्स होने की संभावना भी कम होती है।

नींबू की शिकंजी गैस दूर करने में करे लाभकारी 

रोज सुबह खाली पेट नींबू की मीठी शिकंजी का दो माह तक नियमित सेवन करें। खट्टी ड़कारें आना व मुँह का स्वाद क़ड़वा होना दोनों में आराम मिलेगा।

लौंग का सेवन गैस में फायदेमंद 

भोजन करने के बाद दोनों समय एक-एक लौंग सुबह-शाम चूसने से खट्टी ड़कार नहीं आती हैं। इससे गैस की समस्या का इलाज हो सकता है।

सत्तू का सेवन गैस के प्रॉबल्म में लाभकारी 

चने के सत्तू को पानी में घोलकर पीने से गैस के परेशानी से आराम मिलता है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए 

आम तौर पर गैस की समस्या को आम बीमारी माना जाता है लेकिन जब इसके लक्षण जटिल हो जाये और एक हफ़्ते से ज्यादा दिनों तक एसिडिटी कम नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह ले लेना जरूरी होता है।

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